अन्तर्राष्ट्रीय कानून : सीडाँ (CEDAW) महिलाओं के मानव अधिकार
November 30, 2019 • Sarvanginडॉ. इन्दिरा मिश्रा

979 में संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा द्वारा महिलाओं के लिए सभी प्रकार के भेदभाव को दूर करने के हेतु समझौते को स्वीकार किया गया है। यह समझौता सीडाँ (CEDAW) कहलाता है। यह अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों का पहला दस्तावेज है जो महिलाओं के मूल मानवाधिकारों के उल्लंघन और महिलाओं के खिलाफ होने वाले सभी प्रकार के भेदभावों को परिभाषित करता है। सीडाँ महिलाओं के साथ हाने वाले भेदभाव को परिभाषित करता है।

महिलाओं को लिंग के आधार पर राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और नागरिक क्षेत्रों में बराबरी के लिए प्रवेश को रोकना, वंचित रखना या भेदभाव दिखाना तथा महिलाओं को पुरूषों के साथ बराबर के बुनियादी अधिकार व मूल स्वतंत्रताएं न मिलना भेदभाव है।

भारत सरकार इस समझौते को स्वीकार करके महिलाओं के प्रति हर प्रकार के भेदभाव को दूर करने हेतु, कानूनी व्यवस्था में महिला व पुरूषों के बीच  समानता लाना एवं सभी भेदभावपूर्ण कानूनों को समाप्त करने के लिए बाध्य है।