कुंवर... महिला ड्राइवर के रूप में मेरी बनी खास पहचान
November 21, 2019 • Sarvangin प्रीति शुक्ला

मैं कुंवर  महिला ड्राइवर ------ ड्राइविंग सीखने के बाद मुझे यह चिंता  बनी रहती कि क्या होगा क्योंकि घरकी सारी जिम्मेदारी मेरे उपर थी  कई जगह मैं ड्राइविंग की पर संतुष्टि नही मिलती थी क्योंकि पैसे इतने नही मिलते थे और दर रात घर आ पाते थे  समय व पैसे  कि  कमी इधर घर की जिम्मेदारियों की आधिकता ,  मेरी दोस्तों  को आला कैबस क बारे मे बताया उनके बताने काफी समय बाद मैं जुड़ी शुरु मुझे लगता था कम्पनी नयी -नयी है पता नही क्या होगा मेरे उपर तो सारी जिम्मेदारी है बच्चों की जब से मैं जड़ी हूं मेरे घर मे  सब कुछ व्यवास्थित हो गया है हर माह अच्छा पैसा  आ जाता है मेरे अकांउट मे कम्पनी के द्व्रारा  पहले पैसे  व सही नौकारी नही मिलने के कारण शाम को अक्सर भूखे सो जाते थे या गुरद्वारे आ कर खान खाते थे बच्चों के साथ  अब मैं घूमने भी चली जाती हूं बच्चों को लेकर  बंधा हुआ काम व अच्छी तनख्वाह से काफी निश्चिनता और स्थिरता आ गया है मेरी जन्दगी अब बच्चे पढ़ाइ कर रहे है  उनकी आवश्यकता पूरी हो रही है। बहुत कम पढ़ी लिखी हू मैंने  बहुत कम पढ़ी लिखी हू पर कोआला कैब मे आकर मैंने बहुत कुछ सीखा राइड चलना व  करना ऑन लाइन पेंमेंट करना  आदि एक प्रोफेशनल महिला ड्राइवर  के हुनर आज  मैं जिन्दगी  बेहतर तरीके जी पा रही हूं|