पुरुष और महिला प्रजातियों के बीच का जैविक अंतर लिंग (सैक्स) या सामाजिक स्तर पर (जेंडर)....
November 22, 2019 • Sarvanginडॉ. इन्दिरा मिश्रा

महिलाओ के लिए लिंग (जेंडर) अन्य शब्द नहीं हैं (अनेक लोगों ने 'महिला' के लिए 'लिंग' के विश्लेषणात्मक वर्ग को साधारण रूप से प्रस्थापित कर दिया है)ऐसा विश्लेषण जो महिला को एक पृथक श्रेणी मानता है, वह लिंग-विषयक विश्लेषण नहीं हैं।

(जेंडर) पुरुषों की वरीयता को पुनः तय करने आका कोई जरिया नहीं है। लिंग विषयक विश्लेषण का यह अर्थ हो सकता है कि आवश्यकताओं और रुचियों को प्राथमिकता दी जाए। परंतु लिंग उस श्रेणी से अलग होता है जिसमें महिला और पुरुष के साथ आंतरिक और गहन व्यक्तिगत संबंधों के बीच विभिन्न वर्ग रहते हैं। पुरुषों के उत्तर का पूर्वानुमान लगाए बिना महिलाओं की आवश्यकताओं और रुचि को प्राथमिकता देने पर यह एकतावादी लक्ष्य, एक संक्रमणकालीन रणनीति या एक राजनीतिक विश्लेषण मान लिया जाता है। लैंगिक अंतर के लिंग (जेंडर) कोट शब्द नहीं हैं। लिंग (जेंडर) महिलाओं और पुरुषों के वीच सामाजिक रूप से उपस्थित अंतर है जोकि जैविक अंतर के प्रति प्रत्येक समाज के निर्वचन को परिलक्षित करता है। लिंग-अंतर की प्राकृतिक विशेषता जैविक अंतर की अंतनिर्हित नींव को परिलक्षित कर देती हैं। लिंग-संबंध का आशय महिलाओं और पुरुषों के वीच विभिन्न आयु और जीवन चक्र के विभिन्न चरणों में सामाजिक रूप से संगठित संबंधों से है। ये सव एक-दूसरे की मदद करते हैं। इससे जैविक रूप से भिन्न पुरुष और महिलाएं सामाजिक रूप से भिन्न पुरुष और महिला बन जाते हैं जिसमें पुरुषोचित और स्त्रियोचित सांस्कृतिक रूप से परिभाषित गुणों के अर्जन के साथ-साथ संसाधन और उत्तरदायित्व, जोकि इन श्रेणियों से संबद्ध हैं, सहायता करते हैं। लिंग संबंधी अंधता, यह एक ऐसा परिप्रेक्ष्य है जो प्रायः लिंग के प्रति उदासीनता प्रकट करता है। परंतु यह जीवन के खर्चों, जरूरतों, एक मानक के रूप में पुरुष के सामाजिक क्षेत्र के प्रवेश और अड़चनों को वहन करता है और इस तरह यह दोनों लिंगों का प्रतिनिधि बन जाता है।