स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें महिलाएं
November 16, 2019 • Sarvangin डॉ॰ मंगला कोहली

 

तनाव सामान्य जिन्दगी का एक हिस्सा है। ज्ञात हो कि स्वस्थ खुराक में फल, सब्जियां और साबुत अनाज व फाइबर लक्ष्य होना चाहिएसे भरपूर वाले भोजन शमिल हैं। इनको सब्जियों को पांच बार और फलों को रोजाना दो बार लेने का महिलाओं का लक्ष्य होना चाहिए। मछली खासकर तेल वाली लाभान्वित मछलियां हफ्ते में कम से कम दो बार खाएं। सैचुरेटिड फैट सीमित मात्रा में यानी ऊर्जा का 10 फीसदी से रहे यानी ऊर्जा का 10 फीसदी से कम और अगर संभव हो तो 7 फीसदी से कम व कोलेस्ट्रॉल 300 आहार से कम लें। शराब का सीमित मात्रा में सेवन करें, यानी रोजाना एक ड्रिंक से अधिक न लें। सीमित मात्रा में सोडियम लें यानी 2.3 ग्राम से नमक, जो करीब एक चाय के कम नमक, जो करीब एक चाय के चम्मच के बराबर होता है। सभी तरह के टांस फैटी एसिड (जो हाइडोजनेटिड ऑयल के नाम से तत्वों में लिखा रहता है) से परहेज करें। गर्भवती महिलाओं को ऐसी मछली खाने से परहेज करना चाहिए, जिसमें बहुत ज्यादा मिथाइल मर्करी होती है। यदि महिलाएं इन बातों का ख्याल रखें और किसी भी प्रकार की छाती में दर्द की शिकायत हो तुरंत डाक्टर से दिखाएं। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। प्राकृतिक तरीके से या फिर ऑपरेशन से जल्द मीनोपॉज यानी 40 की उम्र से पहले होने का सम्बंध कार्डियोवैस्कुलर डिसीज के बढ़ते खतरे से है। गर्भ निरोधक दवाएं लेने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उनमें खासकर बढ़ता है, जो 35 से अधिक उम्र की होती हैं। वह बहुत ज्यादा मांग या कम काबू स्थिति वाली नौकरी, जिसमें लगातार बहुत ज्यादा तनाव के साथ रहती हो।